अस्थमा के लक्षण को ट्रिगर कर सकते हैं ये 3 फैक्टर
अस्थमा एक आम क्रोनिक बीमारी है। इसमें श्वसन मार्ग सिकुड़ जाते हैं। जिसकी वजह से व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा आमतौर पर अस्थमा के लक्षण में खांसी आना, खांसते समय घरघराहट की आवाज आना, सीने में जकड़न आदि शामिल हैं। ये लक्षण तब दिखाई देते हैं जब मरीज अस्थमा को ट्रिगर करने वाले कारकों के संपर्क में आते हैं। ये ट्रिगर्स सभी मरीजों में अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए पहले अपने ट्रिगर्स को जानें और फिर उनसे बचना सीखें। कुछ ऐसे कारक भी है जो इन मरीजों में आम हो सकते हैं। जिसके बारे में हर व्यक्ति को जानना बेहद जरुरी है। ताकि अस्थमा के लक्षण को गंभीर होने से रोका जा सके। तो आज हम अस्थमा के कुछ ऐसे ही सामान्य जोखिम कारकों के बारे में बात करेंगे। आइए जानते हैं क्या है वो 3 महत्वपूर्ण फैक्टर्स- धूम्रपान : अस्थमा के मरीजों की श्वसन नली संवेदनशील होती है। कुछ 'ट्रिगर' इन मार्गों को संकीर्ण कर सकते हैं। धूम्रपान इन जोखिम कारकों में से एक है। धूम्रपान करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो जाती है। धूम्रपान करने से अस्थमा के लक्षण और बढ़ सकते हैं। कुछ मामलों में अस्थमा गंभीर...